Category: उत्तराखण्ड

ब्रेकिंग न्यूज़ हरिद्वार हरिद्वार में गैस घोटाले का आरोप: सिलेंडरों में 2-3 किलो कम निकली गैस, लोगों का फूटा गुस्सा

ब्रेकिंग न्यूज़ हरिद्वार हरिद्वार में गैस घोटाले का आरोप: सिलेंडरों में 2-3 किलो कम निकली गैस, लोगों का फूटा गुस्सा हरिद्वार जिले में घरेलू गैस को लेकर बड़ा विवाद सामने…

*💫दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ* *✨नवरात्रि के अवसर पर कन्याओं को “जिमाएँ” और “जमाएँ”* *स्वामी चिदानन्द सरस्वती* ऋषिकेश, 26 मार्च। दुर्गा अष्टमी के पावन, दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस दिव्य अवसर पर, माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ। यह पावन दिन शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मजागरण का दिव्य संगम है, जो हमें अपने भीतर स्थित देवी स्वरूप शक्ति को पहचानने और उसे जागृत करने का अवसर प्रदान करता है। माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि जीवन में आने वाले प्रत्येक संघर्ष और प्रत्येक बाधा को हम अपनी आंतरिक शक्ति, विश्वास और संकल्प से परास्त कर सकते हैं। अष्टमी का यह दिन विशेष रूप से माँ महागौरी की आराधना का दिन है, जो पवित्रता, शांति, करुणा और निर्मलता का प्रतीक हैं। उनका आशीर्वाद हमें जीवन के सभी विकारों से मुक्त कर आत्मिक शुद्धता और दिव्यता की ओर अग्रसर करता है। नवरात्रि, बाहरी पूजा या अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्व हमें अपने भीतर झाँकने, अपने विचारों को पवित्र करने और अपने आचरण को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देता है। दुर्गा अष्टमी हमें यह संदेश देती है कि वास्तविक भक्ति वही है, जो हमारे व्यवहार में झलके, हमारे शब्दों में मधुरता लाए और हमारे कर्मों में सेवा, प्रेम और करुणा का संचार करे। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हम सभी एक ही चेतना के अंश हैं। माँ दुर्गा की उपासना भी इसी एकत्व और समभाव का प्रतीक है, जहाँ न कोई भेदभाव है, न कोई विभाजन, केवल प्रेम, करुणा और शक्ति का विस्तार है। आज के इस पावन दिन पर, जब हम कन्या पूजन के माध्यम से नारी शक्ति का सम्मान करते हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन नारी के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संकल्प लें। जब हम समाज में प्रत्येक नारी को उसी श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखें, जैसे हम देवी की पूजा करते हैं। यही सच्चा सनातन है, यही सच्ची साधना है। दुर्गा अष्टमी हमें संदेश देती है कि हमारे भीतर जो नकारात्मकता, भय, क्रोध, अहंकार और अज्ञान है, वही हमारे जीवन के वास्तविक राक्षस हैं। माँ दुर्गा की कृपा से हम इन आंतरिक शत्रुओं का नाश कर सकते हैं और अपने जीवन को सत्य, प्रेम, शांति और प्रकाश से भर सकते हैं। जब हम अपने भीतर की शक्ति को पहचानते हैं, तब हम न केवल स्वयं का उत्थान करते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी योगदान देते हैं। इस पावन अवसर पर, आइए हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सुखों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करेंगे। सेवा, साधना और संस्कार को अपने जीवन का आधार बनाएंगे। माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में शक्ति, साहस, समृद्धि और शांति का संचार करें। आपके जीवन से सभी बाधाएँ दूर हों, मार्ग में आने वाले सभी अंधकार दूर हों और जीवन सदैव धर्म, सत्य और प्रेम के प्रकाश से आलोकित रहे। परमार्थ निकेतन में आज दुर्गा अष्टमी के अवसर पर विशेष हवन कर विश्व शान्ति की प्रार्थना की।

*💫दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ* *✨नवरात्रि के अवसर पर कन्याओं को “जिमाएँ” और “जमाएँ”* *स्वामी चिदानन्द सरस्वती* ऋषिकेश, 26 मार्च। दुर्गा अष्टमी के पावन,…

*💫दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ* *✨नवरात्रि के अवसर पर कन्याओं को “जिमाएँ” और “जमाएँ”* *स्वामी चिदानन्द सरस्वती* ऋषिकेश, 26 मार्च। दुर्गा अष्टमी के पावन, दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस दिव्य अवसर पर, माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ। यह पावन दिन शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मजागरण का दिव्य संगम है, जो हमें अपने भीतर स्थित देवी स्वरूप शक्ति को पहचानने और उसे जागृत करने का अवसर प्रदान करता है। माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि जीवन में आने वाले प्रत्येक संघर्ष और प्रत्येक बाधा को हम अपनी आंतरिक शक्ति, विश्वास और संकल्प से परास्त कर सकते हैं। अष्टमी का यह दिन विशेष रूप से माँ महागौरी की आराधना का दिन है, जो पवित्रता, शांति, करुणा और निर्मलता का प्रतीक हैं। उनका आशीर्वाद हमें जीवन के सभी विकारों से मुक्त कर आत्मिक शुद्धता और दिव्यता की ओर अग्रसर करता है। नवरात्रि, बाहरी पूजा या अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्व हमें अपने भीतर झाँकने, अपने विचारों को पवित्र करने और अपने आचरण को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देता है। दुर्गा अष्टमी हमें यह संदेश देती है कि वास्तविक भक्ति वही है, जो हमारे व्यवहार में झलके, हमारे शब्दों में मधुरता लाए और हमारे कर्मों में सेवा, प्रेम और करुणा का संचार करे। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हम सभी एक ही चेतना के अंश हैं। माँ दुर्गा की उपासना भी इसी एकत्व और समभाव का प्रतीक है, जहाँ न कोई भेदभाव है, न कोई विभाजन, केवल प्रेम, करुणा और शक्ति का विस्तार है। आज के इस पावन दिन पर, जब हम कन्या पूजन के माध्यम से नारी शक्ति का सम्मान करते हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन नारी के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संकल्प लें। जब हम समाज में प्रत्येक नारी को उसी श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखें, जैसे हम देवी की पूजा करते हैं। यही सच्चा सनातन है, यही सच्ची साधना है। दुर्गा अष्टमी हमें संदेश देती है कि हमारे भीतर जो नकारात्मकता, भय, क्रोध, अहंकार और अज्ञान है, वही हमारे जीवन के वास्तविक राक्षस हैं। माँ दुर्गा की कृपा से हम इन आंतरिक शत्रुओं का नाश कर सकते हैं और अपने जीवन को सत्य, प्रेम, शांति और प्रकाश से भर सकते हैं। जब हम अपने भीतर की शक्ति को पहचानते हैं, तब हम न केवल स्वयं का उत्थान करते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी योगदान देते हैं। इस पावन अवसर पर, आइए हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सुखों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करेंगे। सेवा, साधना और संस्कार को अपने जीवन का आधार बनाएंगे। माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में शक्ति, साहस, समृद्धि और शांति का संचार करें। आपके जीवन से सभी बाधाएँ दूर हों, मार्ग में आने वाले सभी अंधकार दूर हों और जीवन सदैव धर्म, सत्य और प्रेम के प्रकाश से आलोकित रहे। परमार्थ निकेतन में आज दुर्गा अष्टमी के अवसर पर विशेष हवन कर विश्व शान्ति की प्रार्थना की।

*💫दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से मंगलमय शुभकामनाएँ* *✨नवरात्रि के अवसर पर कन्याओं को “जिमाएँ” और “जमाएँ”* *स्वामी चिदानन्द सरस्वती* ऋषिकेश, 26 मार्च। दुर्गा अष्टमी के पावन,…

आज हरिद्वार जनपद में कार्यरत औद्योगिक संगठनों ने श्री मदन कौशिक, विधायक, हरिद्वार को उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने पर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन कर शुभकामनाएं प्रेषित की। 

आज हरिद्वार जनपद में कार्यरत औद्योगिक संगठनों ने श्री मदन कौशिक, विधायक, हरिद्वार को उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने पर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन कर शुभकामनाएं प्रेषित की।…

गडोवाली गांव में गंदगी का अंबार, नमाजियों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी

गडोवाली गांव में गंदगी का अंबार, नमाजियों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी नसीम अंसारी हरिद्वार पथरी क्षेत्र के गडोवाली गांव में गंदगी का अंबार लगने से हालात बदतर हो चुके…

बी.के.जे.एम पब्लिक स्कूल में वार्षिक परिणाम घोषणा कार्यक्रम धूमधाम से सम्पन्न

बी.के.जे.एम पब्लिक स्कूल में वार्षिक परिणाम घोषणा कार्यक्रम धूमधाम से सम्पन्न नसीम अंसारी हरिद्वार खानपुर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित बी.के.जे.एम पब्लिक स्कूल, खानपुर में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा कार्यक्रम बड़े ही…

रणसूरा पंचायत के मुकरपुर गांव में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

रणसूरा पंचायत के मुकरपुर गांव में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ग्रामीणों में भारी आक्रोश नसीम अंसारी लक्सर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रणसूरा पंचायत के गांव मुकरपुर में मुख्य मार्ग पर जलभराव…

धर्मनगरी हरिद्वार , जहां एक तरफ सरकार “4 साल बेमिसाल” के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

धर्मनगरी हरिद्वार , जहां एक तरफ सरकार “4 साल बेमिसाल” के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ताजा मामला हरिद्वार…

झारखण्ड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने बरा मे लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की नवनिर्मित प्रतिमा का लोकार्पण किया।

रितिक अग्रवाल की रिपोर्ट : गंगवार फार्म बरा में आयोजित सरदार एकता संदेश समारोह में झारखण्ड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने शनिवार को लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल…

*देहरादून के झंडा मेले में झूलों का जादू*

रितिक अग्रवाल की रिपोर्ट देहरादून : देहरादून के प्रसिद्ध झंडा मेले में रंग-बिरंगे झूले सजे हुए हैं, जो 8 मार्च से लगा हुआ है और 27 मार्च तक चलेगा। यह…