ज्वालापुर थाने के सामने अवैध निर्माण पर HRDA की खामोशी पर उठे सवाल कुंभकरण नींद में सोया है। विकास प्राधिकरण वही N.G.T नियमो को ताक पर रख कर हो रहा है अवैध निर्माण्ड।

 

 

हरिद्वार। ज्वालापुर थाना क्षेत्र में समीम होटल वाली गली में कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार करीब छह फुट चौड़ी गली में एक मकान का छज्जा काफी आगे तक निकाला जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान के नीचे वाले हिस्से में करीब दो फुट और ऊपर की मंजिल पर करीब तीन से चार फुट तक छज्जा बाहर निकाला गया है। सूत्रों का कहना है। कि गली पहले से ही संकरी है। और ऐसे निर्माण से रास्ता और अधिक संकरा होने की आशंका है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है। कि क्या इस निर्माण के लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण का कुछ हिस्सा ऐसा दिखाई दे रहा है। मानो छज्जा हवा में ही टिका हुआ हो। सूत्रों का दावा है। कि निर्माण में बीम और कॉलम की स्थिति भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही है। इसको लेकर आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यदि निर्माण नियमों के विपरीत है। तो संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर जांच करनी चाहिए। वहीं हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण यानी HRDA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है। कि आखिर जिम्मेदार विभाग की नजर इस निर्माण पर क्यों नहीं पड़ रही है। क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। या फिर शिकायत का इंतजार किया जा रहा है। इस तरह का निर्माण आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। सूत्रों का कहना है। कि छज्जा अधिक बाहर निकलने से गली में धूप और हवा का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि निर्माण मानचित्र और निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं है। तो कार्रवाई कब होगी स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है। कि ज्वालापुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। क्योंकि संकरी गलियों में नियमों के विपरीत निर्माण भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। निर्माण की तकनीकी स्थिति की भी जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है। कि मकान का स्वीकृत नक्शा क्या है। और मौके पर निर्माण उसी के अनुरूप हो रहा है। या नहीं। पर्यावरणीय नियमों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि निर्माण से प्रकाश और वायु का प्राकृतिक आवागमन प्रभावित हो रहा है। तो संबंधित नियमों की भी जांच होनी चाहिए। लोगों ने एनजीटी के आदेशों और अन्य निर्माण संबंधी नियमों के पालन की भी मांग की है। अब देखना यह होगा कि HRDA इस मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच करता है। या नहीं। स्थानीय लोगों की नजर अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है। यह नियम आम आदमी के लिए हैं। तो बड़े निर्माण पर भी वही नियम लागू होने चाहिए। मौके पर टीम भेजकर निर्माण की पैमाइश कराई जाए। साथ ही स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण की स्थिति का मिलान किया जाए। यदि निर्माण नियम विरुद्ध पाया जाता है। तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने कहा कि गली में रहने वाले परिवारों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। संकरी गली में कई फुट तक छज्जा निकलने से आने जाने वालों के सामने भी दिक्कत खड़ी हो सकती है। इसी वजह से लोग अब अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। मामला ज्वालापुर थाने के सामने का होने के कारण भी लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है। कि यदि निर्माण वैध है। तो विभाग स्थिति स्पष्ट करे। और यदि निर्माण अवैध पाया जाता है। तो कार्रवाई में देरी क्यों अब सवाल यही है। कि HRDA इस मामले में जागेगा या फिर कुंभकरण की नींद सोता रहेगा।

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