जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में NHRC पहुंची याचिका। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की चौखट तक पहुंच गया है। हरिद्वार के अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनएचआरसी में याचिका दायर की है। याचिका में आंदोलनकारियों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से जवाब तलब करने की मांग की गई है। https://khabre24x7.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260803-WA0043-1.mp4 हरिद्वार के अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दायर अपनी याचिका में कहा है कि 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और एकत्र होने का अधिकार प्राप्त है, जिसका कथित तौर पर उल्लंघन हुआ। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन का मामला बनता है। अधिवक्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को पक्षकार बनाते हुए आयोग से जवाब तलब करने की मांग की है। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के आरोप सही हैं, तो खुफिया एजेंसियों और स्थानीय इंटेलिजेंस को इसकी पूर्व जानकारी क्यों नहीं मिली। अधिवक्ता ने आयोग से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है ताकि देशभर में बने संशय की स्थिति स्पष्ट हो सके। Post navigation आरटीआई में समय पर सूचना न मिलने और प्रथम अपील में अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भड़का भाकियू टिकैत रुड़की के सोनाली पुल पर स्नान के दौरान डूबे कांवड़िये का SDRF ने किया शव बरामद