रितिक अग्रवाल की रिपोर्ट वीरांगना अवंती बाई लोधी को उनके 169 वें बलिदान दिवस पर किया गया नमन लक्ष्य फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा नें कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी का जीवन साहस, त्याग व राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। 1857 के संग्राम में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर संघर्ष किया और आत्मसमर्पण के बजाय वीरगति को चुना। लक्ष्य फाउंडेशन के प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह ने कहा कि बाल्यावस्था से ही उन्होंने उन सामाजिक बंधनों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जो स्त्रियों को केवल घर की चारदीवारी तक सीमित रखते थे। उन्होंने तलवारबाजी और घुड़सवारी में इतनी निपुणता प्राप्त कर ली थी कि उनके कौशल को देखकर अनुभवी सैनिक भी आश्चर्यचकित रह जाते थे । बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामेश्वर प्रसाद लोधी नें कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र के प्रति समर्पण व स्वाभिमान का अमर संदेश है। लोकमानस और स्वतंत्र भारत की सरकारों ने उन्हें ‘प्रथम महिला शहीद वीरांगना’ के रूप में स्थापित किया और कवियों ने उन्हें ‘मर्दानी’ और ‘रणचंडी’ जैसे उपमाओं से सुसज्जित किया कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील वर्मा,संजीव लोधी,नगीना रानी,पवन लोधी विनीत लोधी, सुभाष वर्मा, प्रीतम वर्मा कार्यक्रम का संचालन रजत लोधी नें किया Post navigation *हर की पैड़ी चौकी पर तैनात से सिपाहिओ का दोगला चेहरा।* में ईद-उल-फितर की धूम, नमाज के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद