हरिद्वार: श्यामपुर क्षेत्र में तथाकथित पत्रकार का अवैध निर्माण उजागर, NGT व नेशनल हाईवे नियमों की अनदेखी—प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में एक तथाकथित पत्रकार द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति बिना मानचित्र स्वीकृति, बिना विभागीय अनुमति और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य करवा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार यह निर्माण ऐसे क्षेत्र में किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि इस मामले में National Green Tribunal (NGT) की गाइडलाइन का उल्लंघन होने की आशंका भी जताई जा रही है। NGT के स्पष्ट निर्देश हैं कि नदी तटीय क्षेत्र, फ्लड प्लेन और ग्रीन जोन में बिना पर्यावरणीय अनुमति के किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण प्रतिबंधित है। बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।

इतना ही नहीं, यदि यह निर्माण नेशनल हाईवे के निर्धारित दायरे में आता है, तो National Highways Authority of India (NHAI) की अनुमति लेना भी अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार हाईवे के किनारे एक निश्चित दूरी तक निर्माण कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित या नियंत्रित होता है। बिना अनुमति निर्माण न केवल अवैध है, बल्कि इससे यातायात सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

 

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बताकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। हालांकि, मामला उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। श्यामपुर क्षेत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिकायत की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और यदि निर्माण अवैध पाया गया तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज—जैसे मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU), प्रदूषण विभाग की NOC और अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच की जाएगी। यदि इनमें कोई भी दस्तावेज अनुपलब्ध या फर्जी पाया गया, तो निर्माण को सील करने, ध्वस्तीकरण (demolition) और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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