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संस्कृत विश्वविद्यालय में शान से लहराया तिरंगा राष्ट्रगान से गूंजा परिसर कुलपति रमाकांत पांडे ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

 

 

 

 

हरिद्वार स्थित उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का शानदार नजारा देखने को मिला विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कुलपति रमाकांत पांडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराते ही पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक छात्र और अन्य उपस्थित लोगों ने पूरे सम्मान एवं उत्साह के साथ भाग लिया।

समारोह के दौरान छात्रों के हाथों में लहराते तिरंगे आकर्षण का केंद्र रहे। चारों ओर भारत माता की जय और देशभक्ति की भावना दिखाई दी। हर घर तिरंगा अभियान की भावना भी कार्यक्रम में साफ नजर आई। इस अवसर पर कुलसचिव दिनेश कुमार ने देशप्रेम की भावना को मजबूती से सामने रखते हुए कहा कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम इसके बुलबुले हैं। और यह गुलिस्तां हमारा है। उनके इस संदेश ने समारोह में मौजूद लोगों में राष्ट्रप्रेम का जोश भर दिया।

कुलपति रमाकांत पांडे की भूमिका की भी जमकर सराहना हुई। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमापूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित हुआ। कुलपति ने तिरंगे के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्य की भावना को प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रहित की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं कुलसचिव दिनेश कुमार की सक्रियता और आयोजन को व्यवस्थित बनाने में निभाई गई भूमिका की भी उपस्थित लोगों ने प्रशंसा की। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट करते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। समारोह में शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। तिरंगे के साथ छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला विश्वविद्यालय परिसर में देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान की गूंज ने माहौल को पूरी तरह राष्ट्रीय भावना से सराबोर कर दिया।

कुल मिलाकर उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय का स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रप्रेम अनुशासन और एकता का संदेश दे गया। समारोह ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि आजादी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और उन्हें निभाने का संकल्प लेने का दिन भी है।

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