सारस्वत धाम हरिद्वार का संचालन पुष्कर राज प्रबंधक सभा द्वारा ही किया जाए नई कार्यकारिणी में महेन्द्र जोशी अध्यक्ष, सूरज सचिव हरिद्वार. पिछले दिनों देशभर में अखिल भारतीय व राज्य स्तर के विभिन्न पदाधिकारियों और भामाशाहों की बैठक हुई। यहां सारस्वत ब्राह्मण समाज की पुष्कर धर्मशाला और हरिद्वार स्थित सारस्वत धाम धर्मशाला के संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के दौरान विभिन्न पदाधिकारियों और भामाशाहों ने पुष्कर और हरिद्वार धर्मशाला संचालन के लिए अलग-अलग समितियों के गठन पर आपत्ति व्यक्त की। इसके साथ ही धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। पुष्कर धर्मशाला संचालन से जुड़े महेन्द्र जोशी ने बताया कि भामाशाहों से जब दान लिया गया तो श्री सारस्वत धर्मशाला पुष्कर राज प्रबंधक सभा पुष्कर के नाम रजिस्टर्ड सोसायटी के अंतर्गत यह दान अखिल भारतीय सारस्वत (ब्राह्मण) धर्मशाला, प्रबंधक कमेटी, हरिद्वार (पुष्कर) के नाम से लिया गया। जब हरिद्वार में धर्मशाला खरीदी तो पेन और एकाउंट नम्बर भी पुष्कर धर्मशाला का ही काम में लिया गया। देशभर से समाज के लोगों ने खुलकर दान दिया। इस धन से हरिद्वार में धर्मशाला खरीदकर अब उसका संचालन अन्य समिति गठित कर उसकी कार्यकारिणी को दिया जा रहा है, जो कि अनुचित है। पूर्व में यह तय किया गया था कि इसका संचालन पुष्कर से ही किया जाएगा, जिसके चुनाव आगामी दिनों में होने हैं। पिछले दिनों 28 जून को पुष्कर में हुई बैठक में भी इस विषय पर विरोध दर्ज करवाया गया। अब इस संबंध में हरिद्वार में बैठक हुई, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें महेन्द्र जोशी को अध्यक्ष, सूरज सारस्वत को सचिव, भगवती सारस्वत को कोषाध्यक्ष, दिनेश उपाध्याय को उपाध्यक्ष एवं ललित ओझा को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया, बाकि कार्यकारिणी की घोषणा भी जल्द कर दी जाएगी। नई कार्यकारिणी का कहना है कि हरिद्वार और पुष्कर दोनों धर्मशालाओं का संचालन पुष्कर कार्यकारिणी द्वारा किया जाएगा। Post navigation कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दी पूर्व विधायक अमरीश कुमार श्रद्धांजलि अमरीश कुमार के पदचिन्हों पर चलकर आगे बढ़े कांग्रेस परिवार-आलोक शर्मा गुरु पूर्णिमा से शुरू होगा गुरु रविदास के 650वें प्रकाशोत्सव का राष्ट्रव्यापी अभियान : 29 जुलाई से देशभर के रविदास मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन व सदस्यता संकल्प अभियान शुरू होगा।