प्रेस क्लब अध्यक्ष के साथ कथित दुर्व्यवहार से भड़का विवाद कार्रवाई की मांग रिपोर्टर – देवम मेहता हरिद्वार/लक्सर तहसील परिसर में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब तहसील में तैनात नाजिर श्याम सिंह रावत पर लक्सर प्रेस क्लब एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण सैनी के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के पत्रकारों में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी तहसील परिसर पहुंच गए। देखते ही देखते परिसर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन से गूंज उठा। जानकारी के अनुसार लक्सर प्रेस क्लब एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण सैनी किसी आवश्यक कार्य से तहसील पहुंचे थे। इसी दौरान उनका नाजिर पद पर तैनात कर्मचारी श्याम सिंह रावत से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कर्मचारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया। घटना की सूचना जैसे ही अन्य पत्रकारों को मिली वे बड़ी संख्या में तहसील परिसर पहुंच गए। पत्रकारों ने एकजुट होकर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारी पत्रकारों का कहना था कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को कोई आपत्ति थी तो उसे शालीनता और नियमों के अनुरूप अपनी बात रखनी चाहिए थी। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारी का रवैया लगातार विवादित रहा है। और पूर्व में भी लोगों के साथ उसका व्यवहार संतोषजनक नहीं रहा। पत्रकारों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में कुछ समय के लिए कामकाज भी प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने पत्रकारों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन पत्रकार कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मामले की जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। प्रेस क्लब से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर के पत्रकार संगठनों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं तहसील परिसर में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आए। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। पत्रकारों को जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होने तक अपनी मांग पर कायम रहेंगे। Post navigation बिना मूलभूत सुविधाओं के प्लॉटिंग पर उठे सवाल बहादुरपुर में भूमाफियाओं की सक्रियता की चर्चा शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार