सोशल मीडिया पर मामी भांजे वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, रिश्तों की मर्यादा पर उठे सवाल हरिद्वार/ज्वालापुर। धार्मिक नगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में इन दिनों एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने से सनसनी का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रही इस वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वीडियो में बताए जा रहे रिश्ते को लेकर लोगों के बीच आक्रोश और हैरानी दोनों देखने को मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में एक महिला और एक युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा जा रहा है। जिनके बारे में दावा किया जा रहा है। कि दोनों आपस में मामी-भांजे के रिश्ते में हैं। हालांकि इस वीडियो की सत्यता और इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। उच्छ लोगों का कहना है। कि पिछले कुछ दिनों से दोनों के छुप-छुपकर मिलने की चर्चाएं क्षेत्र में पहले से ही चल रही थीं। अब वीडियो सामने आने के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में ऐसा क्या है। इसको लेकर लोग खुलकर बात करने से बच रहे हैं, लेकिन इशारों-इशारों में कहा जा रहा है कि दृश्य बेहद आपत्तिजनक हैं, जिन्हें सार्वजनिक रूप से बयान करना भी उचित नहीं माना जा रहा। इसी कारण यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। क्षेत्र के जिम्मेदार नागरिकों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि समाज में रिश्तों की पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल परिवारों को बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। कि वीडियो असली है। या एडिट किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है। कि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी वीडियो या जानकारी को बिना सत्यापन के शेयर करना खतरनाक हो सकता है। कई बार इस तरह के वीडियो फर्जी भी होते हैं। जिससे निर्दोष लोगों की छवि खराब हो सकती है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपत्तिजनक या संदिग्ध वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और अफवाह फैलाने से बचें। यदि किसी को इस मामले से जुड़ी कोई ठोस जानकारी है तो वह सीधे प्रशासन को सूचित करे। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है। कि डिजिटल युग में गोपनीयता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी कितनी अहम हो गई है। फिलहाल, ज्वालापुर क्षेत्र में इस वीडियो को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। Post navigation लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)के राष्ट्रीय महासचिव एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ के पी चौधरी जी जनपद आगरा की सरजमी से संघर्ष बिगुल बजाकर पार्टी के लिए एक नई दिशा तय करेंगे:-डॉ सुरेन्द्र कुमार बौद्ध फाइनेंस कंपनियों की गुंडागर्दी पर रोक लगाने की मांग, नवाज अब्बासी ने संभाली कमान