रिपोर्टर नौशाद अली

 

 

भाजपा सरकार ने विश्वकर्मा धीमान समाज को फिर दिखाया ठेंगा

धीमान समाज के दिग्गजों की उम्मीदों पर फेर दिया पानी

हरिद्वार

उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने हाल ही में विभिन्न बोर्ड, आयोग, परिषद में सदस्य नामित किए हैं परंतु विगत दिनों  हुए तिरस्त्रीय पंचायत चुनाव में विश्वकर्मा धीमान समाज की जबरदस्त उपेक्षा की गई थी जिसकी अंदर अंदर काफी नाराजगी महसूस की जा रही थी बताया जा रहा था कि भाजपा सरकार के नेताओं ने विश्वकर्मा धीमान समाज के कुछ चमचमाते नेताओं को आगामी समय में ध्यान रखने का आश्वासन दे रखा था  जब की विशेष तौर पर देहरादून हरिद्वार ज्वालापुर रुड़की मंगलौर भगवानपुर लक्सर झबरेड़ा कोटद्वार आदि क्षेत्र में विश्वकर्मा धीमान समाज की अन्य उस समाज की अपेक्षा दोगुनी से भी अधिक जनसंख्या है पंचायत चुनाव में लक्सर से महेंद्र धीमान भगवानपुर से नरेश प्रधान नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भावी उम्मीदवार माने जा रहे थे परंतु अध्यक्ष पद तो छोड़िए विश्वकर्मा धीमान समाज के रुड़की जैसे गढ़ में किसी को विश्वकर्मा धीमान समाज से पार्षद का टिकट भी नहीं दिया गया था हालांकि टिकट न मिलने से नाराज पूर्व प्रधान नरेश धीमान ने भगवानपुर से निर्दलीय ताल ठोक दी थी जिसकी वजह से भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था विश्वकर्मा समाज की बहुत पुरानी मांग जिसमें उत्तराखंड में विश्वकर्मा समाज को पर्वतीय शिल्पकार समाज की तरह मैदानी विश्वकर्मा धीमान समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग आज तक पूरी नहीं की गई तो दूसरी तरफ विश्वकर्मा समाज के धुरंद्रो ने विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड का गठन की मांग भी उठाई थी विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड के गठन पर भी भाजपा सरकार के नेता केवल आश्वासन ही दे रहे हैं कुल मिलाकर विश्वकर्मा समाज की सभी मांगे नजरअंदाज की जा रही है जिससे विश्वकर्मा धीमान समाज में अंदर-अंदर भाजपा के प्रति आक्रोश पनप रहा है अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा यूथ ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पुष्पराज धीमान ने कहा की विश्वकर्मा समाज मौन है भाजपा सरकार विश्वकर्मा समाज  की चुप्पी को हल्के में ले रही है जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है लगातार नो वर्षों से चली आ रही भाजपा सरकार के पास विश्वकर्मा धीमान समाज के लिए किए गए कार्यों में एक भी काम नहीं है जिसे लेकर भाजपा सरकार विश्वकर्मा धीमान समाज को अपनी और आकर्षित कर सके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *