उत्तराखंड में भाईचारा रोजगार और सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत समाजसेवी मौ. सलीम वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान की रही है। इस पहचान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की तभी संभव है जब लोग मिल-जुलकर रहें और विकास के मुद्दों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सभी धर्म इंसानियत, प्रेम और एक-दूसरे का सम्मान करना सिखाते हैं। समाज में शांति बनाए रखने के लिए सभी लोगों को सकारात्मक सोच के साथ आगे आना चाहिए। आपसी झगड़े और तनाव से किसी का भला नहीं होता, बल्कि पूरे समाज को नुकसान होता है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए मौ. सलीम ने कहा कि लोगों को ऐसी बातों और संदेशों से बचना चाहिए जो समाज में नफरत या दूरी पैदा करते हैं। किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके धर्म जाति या पहचान से नहीं बल्कि उसके व्यवहार और कार्यों से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म हर व्यक्ति की निजी आस्था का विषय है और हर नागरिक को अपने विश्वास के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। किसी पर दबाव डालना या नफरत फैलाना समाज और देश के हित में नहीं है। मौ. सलीम ने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए रोजगार सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार समाज और निजी क्षेत्र को मिलकर ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और युवाओं को अपने प्रदेश में ही आगे बढ़ने का मौका मिले। कानून व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि कोई व्यक्ति किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है। तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है। और यही एक मजबूत समाज की पहचान है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अफवाहों भड़काऊ संदेशों और नफरत फैलाने वाली बातों से दूर रहें। सोशल मीडिया का उपयोग शिक्षा जागरूकता और समाज को जोड़ने के लिए किया जाना चाहिए। अंत में मौ. सलीम ने कहा कि हमें ऐसा उत्तराखंड बनाना है। जहां भाईचारा सुरक्षा रोजगार आपसी विश्वास और विकास साथ-साथ आगे बढ़ें। एक मजबूत समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता न्याय और आपसी भरोसा होती है। Post navigation उत्तराखंड में भाईचारा, रोजगार और सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत: मौ. सलीम *कुल्हाल में खनन पट्टे में अनियमितता पर 2 लाख का जुर्माना, पोर्टल निलंबित*