ललतारों पुल के आस पास अतिक्रमण का साम्राज्य आखिर कब चलेगा निगम का पीला पंजा

 

 

हरिद्वार। एक ओर जहां नगर निगम और प्रशासन शहर भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर सड़कों फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लालतारों पुल के आसपास का क्षेत्र इन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। नाले के ऊपर बने अवैध खोखे और दुकानों की कतारें प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही हैं।

उच्च लोगों का कहना है। कि ललतारो पुल के समीप नाले की भूमि पर दर्जनों अस्थायी और स्थायी दुकानें खड़ी कर दी गई हैं। इन दुकानों के कारण न केवल नाले की सफाई प्रभावित हो रही है। बल्कि बरसात के मौसम में जलभराव और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। हैरानी की बात यह है। कि इन अवैध दुकानों में बिजली की व्यवस्था भी की गई है। सूत्र का कहना है। कि बिना विभागीय मिलीभगत के अवैध निर्माणों तक बिजली पहुंचना संभव नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है। कि जब शहर के अन्य हिस्सों में छोटे छोटे अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। तो यहां वर्षों से जमे अतिक्रमण पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। केवल दुकानें ही नहीं बल्कि कई दुकानदारों ने अपने आवासों के आसपास भी सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो नगर निगम ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही प्रशासन ने मौके का गंभीरता से संज्ञान लिया। इससे क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है। कि आखिर इन अतिक्रमणकारियों को संरक्षण कौन दे रहा है।

बताया जा रहा है। कि नालों और जल निकासी मार्गों पर कब्जा भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। बरसात के दौरान जल निकासी बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में जल भराव जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। नगर निगम द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच ललतारों पुल क्षेत्र अब चर्चा का केंद्र बन गया है। लोग पूछ रहे हैं। कि क्या कार्रवाई केवल चुनिंदा स्थानों तक सीमित है। या फिर नियम सभी के लिए समान हैं। प्रशासन नगर निगम और बिजली विभाग से संयुक्त जांच कर अवैध कब्जों को हटाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है। कि हरिद्वार में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच ललतारों पुल के आसपास बने इन अवैध खोखों और दुकानों पर आखिर पीला पंजा कब चलेगा या फिर यह अतिक्रमण यूं ही प्रशासनिक नजरों से ओझल बना रहेगा।फिलहाल लोगों की निगाहें नगर निगम और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं। या नहीं और ललतारों पुल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है। या नहीं।

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