मोबाइल पर बजेगा तेज सायरन घबराएं नहीं आपदा चेतावनी सिस्टम का होगा बड़ा परीक्षण

 

 

उत्तराखण्ड में शनिवार को एक अहम तकनीकी परीक्षण के तहत राज्यभर के करोड़ों मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ अलर्ट संदेश प्रसारित किया जाएगा। यह अलर्ट किसी आपदा की चेतावनी नहीं, बल्कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम की कार्यक्षमता जांचने के लिए किया जा रहा एक पूर्व निर्धारित परीक्षण है। प्रशासन ने साफ तौर पर जनता से अपील की है। कि इस दौरान किसी भी प्रकार की घबराहट या अफवाह फैलाने से बचें। राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह परीक्षण उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में भूकंप बाढ़ भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय चेतावनी संदेश समय पर और प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंच सके। प्रशासन के अनुसार, शनिवार को निर्धारित समय पर जैसे ही यह परीक्षण शुरू होगा, लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन या अलार्म की आवाज सुनाई देगी। इसके साथ ही मोबाइल स्क्रीन पर एक चेतावनी संदेश फ्लैश होगा। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि यह केवल एक परीक्षण संदेश है। यह प्रक्रिया राज्य के विभिन्न मोबाइल नेटवर्क जियो, एयरटेल वोडाफोन-आइडिया आदि पर एक साथ लागू की जाएगी, ताकि हर वर्ग के उपभोक्ताओं तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

इस परीक्षण की खास बात यह है कि इसके लिए किसी इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक सीधे मोबाइल टावर के माध्यम से संदेश प्रसारित करती है। जिससे नेटवर्क भीड़ या इंटरनेट बाधित होने की स्थिति में भी यह सिस्टम प्रभावी बना रहता है। यही कारण है कि आपदा के समय यह तकनीक बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके जरिए राज्य की आपातकालीन सूचना प्रणाली की क्षमता को परखा जाता है। उन्होंने कहा कि जनता को इस अलर्ट पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह केवल एक टेस्ट है। जिससे भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि कई बार इस तरह के परीक्षण अलर्ट से लोग घबरा जाते हैं। या इसे वास्तविक आपदा समझ लेते हैं। जिससे अफवाहें फैलने लगती हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है। कि लोग संयम बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। यदि किसी को इस संदेश को लेकर कोई शंका हो, तो वह स्थानीय प्रशासन या आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सकता है। जानकारी के अनुसार, इस अलर्ट संदेश में लिखा होगा भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है। यह एक परीक्षण संदेश है। यह सिस्टम भविष्य में भूकंप बाढ़ भूस्खलन जैसी आपदाओं के दौरान समय रहते चेतावनी देगा, जिससे जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा और प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। विशेषज्ञों का मानना है। कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में जहां प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है, वहां इस तरह की तकनीक का सफल परीक्षण बेहद जरूरी है।इससे न केवलआपातकालीन प्रतिक्रिया समय कम होगा, बल्कि लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का अवसर भी मिल सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है। कि यदि किसी व्यक्ति के मोबाइल पर यह अलर्ट प्राप्त नहीं होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह परीक्षण चरणबद्ध तरीके से किया जाता है। और भविष्य में इसे और व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार की इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल तकनीकी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों में भी आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। अंत में प्रशासन ने पुन दोहराया है। कि शनिवार को आने वाला यह अलर्ट पूरी तरह से एक परीक्षण प्रक्रिया है। इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन इसे समझना और इसके उद्देश्य को जानना बेहद जरूरी है। ताकि भविष्य में किसी वास्तविक आपदा के समय सही निर्णय लिया जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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