फाइनेंस कंपनियों की गुंडागर्दी पर रोक लगाने की मांग, नवाज अब्बासी ने संभाली कमान हरिद्वार। जनपद में फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कथित रूप से बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ अब आवाज बुलंद होने लगी है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर गरीब उत्थान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवाज अब्बासी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग फाइनेंस कंपनियों से वाहन या अन्य जरूरतों के लिए लोन लेते हैं। लेकिन जब वे किसी कारणवश समय पर किस्त नहीं चुका पाते, तो कंपनियों द्वारा गैरकानूनी तरीके अपनाए जाते हैं। नवाज अब्बासी ने आरोप लगाया कि कई फाइनेंस कंपनियां अपने बकाया की वसूली के लिए असामाजिक तत्वों का सहारा ले रही हैं। ये लोग बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के लोगों के घर या रास्ते में पहुंच जाते हैं और जबरन मोटरसाइकिल, स्कूटी या अन्य वाहन छीन लेते हैं। इतना ही नहीं, वाहन मालिकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और कई बार मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का भी हनन है। नवाज अब्बासी ने बताया कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फाइनेंस कंपनी को वसूली के लिए दबाव, धमकी या गुंडों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कई कंपनियां इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। नवाज अब्बासी ने यह भी कहा कि फाइनेंस कंपनियों को कानून के दायरे में रहकर ही अपनी वसूली प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किस्त चुकाने में असमर्थ है। तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया मौजूद है, लेकिन दबंगई और जबरन वसूली किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अगर उनके साथ इस तरह की कोई घटना होती है, तो वे डरें नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही, ऐसे मामलों में सबूत जुटाकर प्रशासन को सौंपें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। इस मुद्दे को लेकर यूनियन जल्द ही एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेगी और जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी गई है। नवाज अब्बासी ने कहा कि गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूनियन हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक नहीं लगी, तो आम आदमी का जीना मुश्किल हो जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और कब तक पीड़ितों को राहत मिल पाती है। फिलहाल, नवाज अब्बासी की इस पहल से एक नई बहस जरूर शुरू हो गई है, जो आने वाले समय में बड़ा जन आंदोलन बन सकती है। Post navigation फाइनेंस कंपनियों की गुंडागर्दी पर रोक लगाने की मांग, नवाज अब्बासी ने संभाली कमान श्रमिकों के आंदोलन के बीच नेताओं की गिरफ्तारी*